देहरादून।
सीमा जागरण मंच, उत्तराखंड की प्रांत स्तरीय कार्यकर्ता बैठक सोमवार को प्रांतीय संघ कार्यालय, 15 तिलक रोड देहरादून में आयोजित की गई। बैठक में सुरक्षा, समन्वय, विकास आधारित योजनाएं, कार्यकर्ता प्रशिक्षण, सीमांत क्षेत्रों में रिवर्स पलायन, आत्मनिर्भरता एवं राष्ट्र जागरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा की गई।
संगठन विस्तार और जागरूकता पर दिया जोर
बैठक को संबोधित करते हुए क्षेत्रीय प्रचारक प्रमुख श्री जगदीश जी एवं सीमा जागरण मंच के राष्ट्रीय सह-संयोजक मा. श्री नीम्ब सिंह जी ने सीमांत क्षेत्रों में सजगता और जागरूकता बढ़ाने पर बल दिया। उन्होंने संगठन विस्तार एवं आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा पर भी प्रकाश डाला।
पूर्व डीजीपी अनिल रतूड़ी ने सुरक्षा चुनौतियों पर किया संबोधन
उत्तराखंड के पूर्व पुलिस महानिदेशक श्री अनिल रतूड़ी ने आंतरिक सुरक्षा, बदलती डेमोग्राफी, नशा एवं अवैध घुसपैठ जैसे संवेदनशील विषयों पर कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।
उन्होंने कहा,
“सीमा से सटे गांवों के लोग केवल निवासी नहीं, बल्कि राष्ट्र के ‘प्रथम पहरी’ हैं। सीमा सुरक्षा में स्थानीय नागरिकों की सजगता, जागरूकता और सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। हमें बॉर्डर के हर गांव को सुरक्षा की पहली पंक्ति बनाना है।”
युवाओं और पूर्व सैनिकों की भागीदारी पर बल
कर्नल अजय कोठियाल ने पूर्व सैनिकों, शिक्षकों एवं युवाओं से सीमा जागरण मंच के कार्यों एवं उद्देश्यों की पूर्ति के लिए अधिकाधिक भागीदारी का आह्वान किया। उन्होंने भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण पर विशेष जोर दिया।
विभिन्न विषयों पर दी गई जानकारी
बैठक के दौरान विभिन्न वक्ताओं ने सीमांत क्षेत्रों के विकास, सामाजिक जागरूकता एवं राष्ट्रहित से जुड़े विषयों पर अपने विचार रखे।
ये उपस्थित रहे
कार्यक्रम में श्री पंकज मलकानी, श्री गणेश जोशी, मेजर महावीर पंवार, श्री अतुल डिमरी, श्री अमित सिंह बिष्ट, श्री मितेश सेमवाल, श्री चंद्रवीर गायत्री, श्री मोहन दीक्षित, श्री स्वप्निल सिन्हा, श्री सौरभ शर्मा, श्री बिपिन राणा, श्री इंद्रपाल कोहली, सत्यनारायण गायत्री, विधि जोशी सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
निवेदक :
सीमा जागरण मंच, उत्तराखंड
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