देहरादून: उत्तराखंड में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अब पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। पुलिस महानिदेशक (DGP) दीपम सेठ की अध्यक्षता में पुलिस मुख्यालय में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में राजधानी देहरादून में बढ़ती आपराधिक घटनाओं पर नियंत्रण के लिए “ऑपरेशन प्रहार” चलाने का निर्णय लिया गया। यह अभियान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर शुरू किया जा रहा है।
🚨 अपराधियों पर विशेष अभियान, सख्त कार्रवाई के निर्देश
बैठक में स्पष्ट किया गया कि देहरादून में सक्रिय आपराधिक तत्वों के खिलाफ:
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विशेष अभियान चलाया जाएगा।
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अपराधियों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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पुलिस की मैदानी उपस्थिति (Visibility) बढ़ाई जाएगी।
👮♂️ अधिकारियों को स्पष्ट जिम्मेदारी
डीजीपी ने अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए निम्नलिखित निर्देश दिए:
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राजीव स्वरूप को दैनिक मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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प्रमेंद्र सिंह डोबाल को टास्किंग और जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
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क्षेत्राधिकारियों और थाना प्रभारियों को फील्ड में सक्रिय रहने और ‘हॉटस्पॉट’ क्षेत्रों पर निगरानी बढ़ाने को कहा गया है। 👉 विशेष रूप से सुबह के समय भी पुलिस की सक्रियता बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
🔍 सत्यापन अभियान होगा तेज
पुलिस ने सुरक्षा के दृष्टिकोण से निम्नलिखित कार्यों को अनिवार्य करने के निर्देश दिए हैं:
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पीजी (PG) और किरायेदारों का सघन सत्यापन।
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होम-स्टे में चल रही गतिविधियों की नियमित निगरानी।
🍻 बार और पब्स पर सख्ती
डीजीपी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्धारित समय के बाद खुले रहने वाले बार और पब्स पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
🛑 STF को भी बड़ी जिम्मेदारी
बैठक में नीलेश आनंद भरणे और अजय सिंह को भी निर्देश दिए गए कि वे देहरादून में सक्रिय अपराधियों के खिलाफ विशेष ऑपरेशन चलाकर प्रभावी कार्रवाई करें।
⚠️ “जीरो टॉलरेंस” का संदेश
डीजीपी दीपम सेठ ने स्पष्ट रूप से कहा:
“राजधानी में अपराध बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस को पूरी मुस्तैदी और जवाबदेही के साथ काम करना होगा।”
📌 निष्कर्ष
“ऑपरेशन प्रहार” के जरिए देहरादून में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस अब ‘एक्शन मोड’ में आ गई है। सघन चेकिंग, सत्यापन अभियान और अपराधियों पर सीधी कार्रवाई से राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने की तैयारी है।
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