अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस: एफआरआई में दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का उद्घाटन, केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव बोले- वन संरक्षण पूरे पारिस्थितिकी तंत्र का संरक्षण

देहरादून: अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस 2026 के अवसर पर देहरादून स्थित वन अनुसंधान संस्थान (एफआरआई) में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि वन संरक्षण का अर्थ केवल पेड़ लगाना नहीं, बल्कि पूरे पारिस्थितिकी तंत्र का संरक्षण करना है।

राष्ट्रीय कार्यशाला का हुआ शुभारंभ

भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद (आईसीएफआरई) द्वारा आयोजित इस कार्यशाला का विषय था:

  • “वन-आधारित सतत जैव-अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना: मुद्दे और चुनौतियाँ”

यह कार्यशाला 21-22 मार्च तक आयोजित की जा रही है।

“प्रकृति सर्वोपरि है” — केंद्रीय मंत्री

केंद्रीय मंत्री ने अपने संबोधन में कहा:

  • मानव अस्तित्व के लिए प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व आवश्यक है

  • वन केवल अर्थव्यवस्था नहीं, बल्कि शांति और संतुलन के भी आधार हैं

  • वन संरक्षण के लिए समग्र और समन्वित दृष्टिकोण जरूरी है

उन्होंने ग्रीन क्रेडिट प्रोग्राम और कार्बन क्रेडिट जैसे उपायों के महत्व पर भी जोर दिया।

इन विषयों पर हो रहा मंथन

कार्यशाला में प्रमुख रूप से इन विषयों पर चर्चा की जा रही है:

  • वन आधारित जैव-उत्पाद और उनका व्यवसायीकरण

  • सतत वन प्रबंधन

  • नीति और उद्यमिता

  • जैव-अर्थव्यवस्था में नवाचार

  • कार्बन मार्केट और इको-टूरिज्म

देशभर के विशेषज्ञ हुए शामिल

इस कार्यशाला में देशभर से:

  • वैज्ञानिक

  • नीति-निर्माता

  • उद्योग प्रतिनिधि

  • वन अधिकारी

शामिल होकर वन आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर विचार-विमर्श कर रहे हैं।

उत्तराखंड की कला का भी सम्मान

इस अवसर पर आईसीएफआरई की महानिदेशक कंचन देवी ने केंद्रीय मंत्री को उत्तराखंड के राजकीय पक्षी मोनाल का पायरोग्राफी चित्र भेंट किया।

अन्य अधिकारी भी रहे मौजूद

कार्यक्रम में एमओईएफ एंड सीसी के सचिव तन्मय कुमार, वनों के महानिदेशक सुशील कुमार अवस्थी, अतिरिक्त महानिदेशक (वन्यजीव) रमेश कुमार पांडे सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

रिपोर्ट: चन्द्रवीर गायत्री


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