मुख्य सचिव ने मुख्यमंत्री घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा की, परियोजनाओं को जल्द पूरा करने के निर्देश

देहरादून: मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में सचिवालय सभागार में मुख्यमंत्री घोषणाओं और मुख्यमंत्री की 10-10 कार्य आधारित घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा चल रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।

परियोजनाओं को शीघ्र पूरा करने के निर्देश

मुख्य सचिव ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री घोषणाओं के अंतर्गत जिन योजनाओं और परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है, उन्हें त्वरित कार्रवाई करते हुए जल्द पूरा किया जाए।

उन्होंने कहा कि जिन परियोजनाओं को किसी कारण से पूरा करना संभव नहीं है, उनके विलोपन का प्रस्ताव 15 दिनों के भीतर मुख्यमंत्री घोषणा सेल को भेजा जाए। निर्धारित समय में प्रस्ताव न मिलने पर यह माना जाएगा कि विभाग उस परियोजना को पूरा करेगा।

भूमि और समन्वय से जुड़े मामलों का जल्द समाधान

मुख्य सचिव ने कहा कि जिन परियोजनाओं में भूमि उपलब्ध नहीं हो पा रही है, उनके संबंध में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, विधायकों और जिलाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर जल्द निर्णय लिया जाए।

उन्होंने विभागों को निर्देश दिए कि अंतर-विभागीय मुद्दों को भी आपसी समन्वय से शीघ्र सुलझाया जाए, ताकि परियोजनाओं के क्रियान्वयन में देरी न हो।

10-10 कार्य आधारित घोषणाओं पर भी तेजी

मुख्य सचिव ने मुख्यमंत्री की 10-10 कार्य आधारित घोषणाओं के अंतर्गत आने वाले कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को सड़क निर्माण और अन्य निर्माण कार्यों के लिए आवश्यक शासनादेश जल्द जारी करने को कहा।

पेयजल योजनाओं के संबंध में उन्होंने निर्देश दिए कि 20 दिनों के भीतर यह स्पष्ट किया जाए कि कौन से कार्य क्रियान्वित किए जा सकते हैं और कौन से नहीं।

केंद्रीय विद्यालय और गेस्ट हाउस से जुड़े निर्देश

मुख्य सचिव ने विद्यालय शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि जहां केंद्रीय विद्यालय के लिए सरकारी भूमि उपलब्ध नहीं है, वहां निजी या वन भूमि के विकल्पों पर भी विचार किया जाए।

इसके अलावा जिन जिलों में राज्य संपत्ति विभाग या लोक निर्माण विभाग के गेस्ट हाउस नहीं हैं, वहां नए गेस्ट हाउस निर्माण के प्रस्ताव प्रस्तुत करने को कहा गया।

नामकरण से लंबित परियोजनाओं पर जल्द फैसला

मुख्य सचिव ने कहा कि जिन परियोजनाओं का कार्य नामकरण तय न होने के कारण लंबित है, उनके संबंध में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन के साथ समन्वय कर जल्द निर्णय लिया जाए।

बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, सचिव सचिन कुर्वे, रविनाथ रामन, चंद्रेश कुमार यादव, एस.एन. पांडेय, वी. षणमुगम, एस.ए. अदांकी, विनोद कुमार सुमन, युगल किशोर पंत, डॉ. आर. राजेश कुमार, रणवीर सिंह, अहमद इकबाल और मुख्य वन संरक्षक रंजन मिश्र सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

रिपोर्ट: पहाड़ी चीता ब्यूरो


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