ऋषिकेश। अंधेरी रात, घना जंगल और वन्यजीवों का खतरा—इन सबके बीच लक्ष्मणझूला पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने साहसिक अभियान चलाकर नीलकंठ महादेव मंदिर से लौटते समय रास्ता भटके पांच श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाला।
पुलिस के अनुसार, 13 फरवरी 2026 की रात्रि डायल 112 के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि कुछ श्रद्धालु नीलकंठ महादेव मंदिर से दर्शन कर पैदल लौटते समय मुख्य मार्ग से भटककर घने वन क्षेत्र में चले गए हैं। अंधेरा और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण वे अपना सटीक स्थान बताने में असमर्थ थे।
सूचना मिलते ही थाना लक्ष्मणझूला पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। कॉलर से लगातार संपर्क बनाए रखते हुए मोबाइल लोकेशन ट्रैक की गई। तकनीकी विश्लेषण से पता चला कि सभी श्रद्धालु राजाजी नेशनल पार्क के अंतर्गत विंध्यवासिनी मंदिर के समीप महादेव पानी क्षेत्र में फंसे हुए हैं। यह क्षेत्र टाइगर रिजर्व का हिस्सा होने के कारण वन्यजीवों की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील और जोखिमपूर्ण माना जाता है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल वन विभाग से समन्वय स्थापित कर संयुक्त रेस्क्यू टीम का गठन किया। आवश्यक उपकरणों और सुरक्षा संसाधनों के साथ रात में ही जंगल में सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। घने जंगल, पथरीले रास्तों और संभावित वन्यजीव गतिविधियों के बीच टीम ने सतर्कता और संयम के साथ अभियान चलाया।
काफी मशक्कत के बाद संयुक्त टीम ने सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित खोज निकाला और सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया। रेस्क्यू के बाद श्रद्धालुओं ने पुलिस और वन विभाग की त्वरित कार्रवाई के लिए आभार जताया।
रेस्क्यू किए गए श्रद्धालु:
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चमन लाल पुत्र सुल्तान सिंह
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कुलदीप पुत्र पवन कुमार
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साहिल पुत्र महावीर
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गोविंद पुत्र रणधीर
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मनीष पुत्र सुल्तान
(सभी निवासी ग्राम जुरासी खालसा, थाना सिमालखा, जिला पानीपत, हरियाणा)
पुलिस टीम:
वरिष्ठ उपनिरीक्षक प्रकाश पोखरियाल
उपनिरीक्षक नवीन पुरोहित
होमगार्ड मोहित
पीआरडी कुंवर प्रताप
वन विभाग टीम:
आरक्षी गौरव
आरक्षी हरि सिंह
आरक्षी केशव
बीट सहायक सुरेंद्र
पुलिस ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि पर्वतीय और वन क्षेत्रों में यात्रा करते समय निर्धारित मार्गों का ही उपयोग करें तथा समूह से अलग न हों।
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