राज्य निर्माण सेनानियों की बैठक में परिसीमन, मूल निवास और भू-कानून पर सख्ती की मांग

ऋषिकेश। उत्तराखंड राज्य निर्माण सेनानियों की एक आवश्यक बैठक आईएसबीटी परिसर स्थित शहीद स्मारक भवन में आयोजित की गई। बैठक में राज्य से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करते हुए कई प्रस्ताव पारित किए गए। वक्ताओं ने आगामी परिसीमन जनसंख्या के बजाय क्षेत्रफल के आधार पर करने और मूल निवास व भू-कानून का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने की मांग उठाई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि राज्य सरकार इन मांगों पर कार्रवाई नहीं करती है, तो इन मुद्दों को आगामी चुनाव में जनता के बीच उठाया जाएगा।

राज्य आंदोलनकारियों की मांगों पर 9 नवंबर तक निर्णय लेने की मांग

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री 9 नवंबर को राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर राज्य आंदोलनकारियों का चिन्हीकरण, समान पेंशन, 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण और राज्य निर्माण सेनानी घोषित करने जैसे मुद्दों पर निर्णय नहीं लेते हैं, तो बड़े आंदोलन की तैयारी की जाएगी।

वक्ताओं के अनुसार, 9 नवंबर के बाद यूथ ब्रिगेड को साथ लेकर प्रदेश के विभिन्न जिलों में जन आंदोलन चलाया जाएगा। इसके तहत जिलेवार जनता के बीच जाकर सरकार की घोषणाओं और उनके क्रियान्वयन को लेकर सवाल उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इसकी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।

मुख्यमंत्री की घोषणाओं के क्रियान्वयन पर उठाए सवाल

बैठक में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री वर्ष 2021 से लगातार घोषणाएं कर रहे हैं, लेकिन पांच वर्ष बीतने के बावजूद कई घोषणाओं पर समाधान नहीं हुआ है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि घोषणाओं पर अमल नहीं हो रहा है, तो इसके लिए जिम्मेदार कौन है।

वक्ताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री की घोषणाओं के बावजूद संबंधित अधिकारियों द्वारा कार्रवाई नहीं किए जाने से शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने मांग की कि राज्य सरकार अपनी घोषणाओं को धरातल पर उतारने के लिए ठोस कदम उठाए।

भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भी आंदोलन की चेतावनी

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि यदि भाजपा या कांग्रेस किसी कथित भ्रष्टाचारी को चुनाव में टिकट देने का प्रयास करती है, तो उसके खिलाफ भी आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे मंत्रियों और विधायकों की सूची पार्टी हाईकमान को सौंपने की बात भी कही।

राज्य निर्माण सेनानियों ने दोहराया कि मूल निवास, भू-कानून, परिसीमन और राज्य आंदोलनकारियों से जुड़े मुद्दों पर सरकार को गंभीरता से निर्णय लेना चाहिए।

डीएस गुसाईं की अध्यक्षता में हुई बैठक

बैठक की अध्यक्षता डीएस गुसाईं ने की, जबकि संचालन गंभीर सिंह मेवाड़ ने किया। बैठक में गंभीर मेवाड़, रमेश रतूड़ी, युद्धवीर सिंह चौहान, गुलाब सिंह रावत, धर्मराज पुंडीर, चंदन सिंह पवार, बृजेश डोभाल, विशंभर दत्त डोभाल, मायाराम उनियाल, महादेव रागड़, जगदीश प्रसाद भट्ट, योगेंद्र रागड़, रामेश्वरी चौहान, कुसुमलता शर्मा, लक्ष्मी बूढ़ा कोठी, रविंदर कौर, अंजू ग्रेवाल, शकुंतला नेगी, जयंती नेगी, चैता कंडवाल, पूनम बडोनी, यशोदा नेगी, राम उनियाल और देवेश्वरी कंडवाल सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।


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