देहरादून।
उत्तराखंड प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसी से जुड़े पंजीकृत संचालकों ने सिक्योरिटी सर्विस लेने वाले कुछ क्लाइंट्स पर भुगतान रोकने, अनुचित कटौती करने तथा मनमानी करने के आरोप लगाए हैं। इस संबंध में एजेंसी संचालकों ने एसएसपी से मुलाकात कर कार्रवाई की मांग की।
भुगतान रोकने और गुंडागर्दी के लगाए आरोप
सिक्योरिटी एजेंसी संचालकों का कहना है कि एजेंसियों द्वारा सिक्योरिटी गार्ड उपलब्ध कराने के बाद भी कई ग्राहक भुगतान में मनमानी कर रहे हैं। आरोप है कि कुछ क्लाइंट अनुचित तरीके से पैसे काट रहे हैं, भुगतान रोक रहे हैं तथा पैसा मांगने पर एजेंसी संचालकों के साथ अभद्र व्यवहार और गुंडागर्दी पर उतर आते हैं।
संचालकों ने कहा कि ऐसे लोगों की मानसिकता बन गई है कि उनके लिए नियम और कानून लागू नहीं होते।
एसएसपी से की मुलाकात
इस संबंध में गुरुवार को एजेंसी संचालकों ने एसएसपी से मुलाकात की। संचालकों के अनुसार एसएसपी ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही एक बैठक आयोजित कर ऐसे मामलों का डेटा तैयार किया जाएगा तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने सहयोग का दिया आश्वासन
सिक्योरिटी एजेंसी संचालकों का कहना है कि पुलिस प्रशासन ने पंजीकृत सिक्योरिटी एजेंसियों को उचित सहयोग देने का आश्वासन भी दिया है। साथ ही प्रशासन द्वारा अनरजिस्टर्ड सिक्योरिटी एजेंसी संचालकों पर भी नजर रखी जा रही है।
ये रहे मौजूद
इस दौरान उपसा (UPSA) के संरक्षक महेश शर्मा, अध्यक्ष नरेंद्र सागवान, उपाध्यक्ष सचिन शर्मा, जनरल सेक्रेटरी समीर मुंडेपी, पीआरओ विकास सिंह, ऑडिटर इकबाल सिंह, सहकोषाध्यक्ष जे.एस. थपलियाल सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।
बैठक में गोपाल सिंह जखमोला, कर्नल विनीत, कर्नल सुनील कोटनाला, कर्नल सुंदर सिंह कुमार, लेफ्टिनेंट कर्नल जगदीश प्रसाद अंथवाल सहित अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे।

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