देहरादून। राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष भगवत प्रसाद मकवाना ने सचिवालय स्थित आपदा निवारण एवं प्रबंधन केंद्र (डीएमएमसी) सभागार में स्वच्छता कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर बैठक की। इस दौरान उन्होंने कर्मचारियों के हितों को लेकर कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए।
बीमा कवर और वेतन बढ़ाने पर जोर
उपाध्यक्ष ने स्वच्छता कर्मचारियों के जोखिम भरे कार्य को देखते हुए—
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बीमा कवर 5 लाख से बढ़ाकर 10 लाख करने
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वेतन उपनल एवं पीआरडी कर्मचारियों के समान सुनिश्चित करने
पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि स्वच्छता कर्मचारी समाज के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और उनके हितों की रक्षा प्राथमिकता होनी चाहिए।
नियमितीकरण और श्रेणी निर्धारण के निर्देश
बैठक में निर्देश दिए गए कि—
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मोहल्ला स्वच्छता समिति के कर्मचारियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए
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स्वच्छता कर्मचारियों को कुशल एवं अर्ध-कुशल श्रेणी में शामिल करने का प्रस्ताव तैयार किया जाए
तकनीक के उपयोग पर दिया जोर
उपाध्यक्ष ने सीवर सफाई में जोखिम कम करने के लिए—
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रोबोटिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने
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जल संस्थान को रोबोट का डेमो कराने
के निर्देश दिए।
अन्य महत्वपूर्ण निर्देश
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मैन्युअल स्कैवेंजिंग से जुड़े कर्मचारियों का पारदर्शी सर्वे
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715 आउटसोर्स कर्मचारियों के प्रस्ताव पर शीघ्र स्वीकृति के प्रयास
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स्वच्छता कर्मचारियों के एक लाख तक ऋण माफी पर कार्रवाई
सुनिश्चित करने को कहा गया।
उपनल कर्मचारियों को लाभ देने के निर्देश
“समान कार्य के लिए समान वेतन” के तहत मेडिकल कॉलेज एवं दून अस्पताल के उपनल कर्मचारियों को शीघ्र लाभ देने के निर्देश दिए गए।
बैठक में रहे उपस्थित
बैठक में—
जयपाल वाल्मीकि, श्याम सिंह, डॉ. अजय कुमार आर्या, प्रणय पुरोहित, डॉ. एन.एस. बिष्ट, एस.पी. जोशी सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी संगठन के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
निष्कर्ष
स्वच्छता कर्मचारियों के हितों को लेकर लिए गए ये निर्णय उनकी सुरक्षा, सम्मान और आर्थिक स्थिति को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।
रिपोर्ट: पहाड़ी चीता ब्यूरो
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