विधानसभा सत्र के दौरान सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए पुलिस, प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी (पीएसी) और अन्य सुरक्षा इकाइयों के जवान तैनात रहेंगे। अधिकारियों ने सभी कार्मिकों को सतर्कता, अनुशासन और आपसी समन्वय के साथ ड्यूटी करने के निर्देश दिए।
प्रवेश द्वारों और बैरियरों पर होगी सघन जांच
ब्रीफिंग के दौरान अधिकारियों ने कहा कि विधानसभा सत्र जैसे महत्वपूर्ण आयोजन में पुलिस की भूमिका बेहद जिम्मेदारीपूर्ण होती है। सभी अधिकारी और कर्मचारी पूर्व के अनुभवों से सीख लेते हुए अपने दायित्वों का निर्वहन करें और निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें।
विधानसभा परिसर के प्रवेश द्वारों पर तैनात पुलिसकर्मियों को व्यक्तियों और वाहनों की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सघन जांच करने के निर्देश दिए गए। परिसर में केवल अधिकृत व्यक्तियों और वैध पासधारकों को ही प्रवेश दिया जाएगा।
बैरियरों पर तैनात पुलिस बल को जुलूस, धरना-प्रदर्शन और किसी भी अप्रत्याशित परिस्थिति के दौरान विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी अनधिकृत व्यक्ति को सुरक्षा घेरे में प्रवेश नहीं करने दिया जाए।
ड्यूटी में लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश
पुलिस अधिकारियों ने सभी कार्मिकों को निर्धारित समय पर अपने ड्यूटी स्थल पर पहुंचने और आमजन के साथ शालीन व्यवहार करने के निर्देश दिए। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या असामान्य स्थिति की सूचना तत्काल संबंधित प्रभारी अधिकारी को देने को कहा गया।
इसके साथ ही विशिष्ट महानुभावों की सुरक्षा और अन्य निर्धारित सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
एसपी चमोली ने भी दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पंवार, अपर पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार और अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश ने भी पुलिसकर्मियों को संबोधित किया।
उन्होंने विधानसभा सत्र के दौरान कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी कार्मिकों को पूरी मुस्तैदी, अनुशासन और आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए विधानसभा परिसर के विभिन्न ड्यूटी स्थलों, प्रवेश द्वारों, बैरियरों और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया गया है।
वर्चुअल माध्यम से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी
सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा और विभिन्न इकाइयों के बीच समन्वय के लिए पुलिस महानिरीक्षक कुमाऊं परिक्षेत्र निवेदिता कुकरेती, पुलिस अधीक्षक चंपावत रेखा यादव, पुलिस अधीक्षक उत्तरकाशी कमलेश उपाध्याय, सेनानायक 46वीं वाहिनी पीएसी ऊधमसिंह नगर पंकज भट्ट और पुलिस अधीक्षक पिथौरागढ़ प्रह्लाद कोंडे भी वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
विभिन्न इकाइयों के जवान संभालेंगे सुरक्षा की जिम्मेदारी
विधानसभा सत्र के लिए जारी पदवार तैनाती विवरण के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था में निम्नलिखित बल शामिल रहेंगे:
- 6 अपर पुलिस अधीक्षक
- 20 पुलिस उपाधीक्षक
- 54 प्रभारी निरीक्षक एवं थाना प्रभारी
- 43 उपनिरीक्षक
- 35 महिला उपनिरीक्षक
- 52 अपर उपनिरीक्षक
- 460 मुख्य आरक्षी एवं आरक्षी
- 67 महिला आरक्षी
- 26 यातायात पुलिसकर्मी
- 153 सशस्त्र पुलिसकर्मी
- 120 होमगार्ड
इसके अतिरिक्त पीएसी, एटीएस, एसडीआरएफ, बीडीएस और हॉक टीम के कार्मिक भी सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रहेंगे।
शांतिपूर्ण सत्र संपन्न कराना पुलिस का लक्ष्य
पुलिस प्रशासन का लक्ष्य विधानसभा सत्र के दौरान सुरक्षा, यातायात और कानून-व्यवस्था से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखना है। इसके लिए विभिन्न सुरक्षा इकाइयों के बीच समन्वय स्थापित किया गया है, ताकि सत्र का संचालन शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से हो सके।
रिपोर्ट: पहाड़ी चीता
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