डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन के तहत किसानों की बनाई जा रही फार्मर आईडी: डीएम ललित मोहन रयाल

हल्द्वानी। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने बताया कि भारत सरकार के ‘डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन’ के अंतर्गत एग्रीस्टैक के तहत कृषकों की फार्मर आईडी बनाई जा रही है। फार्मर रजिस्ट्री के माध्यम से किसानों की पहचान और उनकी भूमि से संबंधित निर्धारित विवरणों का डिजिटल अभिलेखीकरण किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि फार्मर रजिस्ट्री से कृषि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता लाने, पात्र लाभार्थियों की पहचान करने और योजनाओं का लाभ वितरित करने की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित एवं प्रभावी बनाने में सहायता मिलेगी। भविष्य में विभिन्न कृषि सेवाओं और सरकारी योजनाओं के अंतर्गत किसानों को सुविधाएं उपलब्ध कराने में भी फार्मर रजिस्ट्री की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

किसान नजदीकी कार्यालय या सीएससी सेंटर पर कराएं पंजीकरण

जिलाधिकारी ने जनपद के सभी किसान भाइयों और बहनों से फार्मर रजिस्ट्री का महत्व समझते हुए अपनी फार्मर आईडी बनवाने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसान अपने नजदीकी कृषि, उद्यान एवं सहकारिता विभाग के कार्यालय या कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) से संपर्क कर पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी कराएं।

उन्होंने किसानों से यह भी आग्रह किया कि वे आसपास के अन्य कृषकों को फार्मर रजिस्ट्री बनवाने के लिए प्रेरित करें। सामूहिक प्रयासों से जनपद में पंजीकरण का कार्य प्रभावी ढंग से पूरा किया जा सकेगा।

कृषि क्षेत्र में डिजिटल व्यवस्था होगी मजबूत

डीएम ललित मोहन रयाल ने कहा कि फार्मर रजिस्ट्री से कृषि क्षेत्र में डिजिटल व्यवस्था को मजबूत करने के साथ ही किसानों के लिए सरकारी सेवाओं तक पहुंच आसान बनाने में मदद मिलेगी।

उन्होंने सभी संबंधित लोगों से जनपद में फार्मर रजिस्ट्री अभियान को सफल बनाने और कृषि क्षेत्र को अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित एवं तकनीक-सक्षम बनाने में अपना योगदान देने का आह्वान किया।

 


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