
कालागढ़ (पौड़ी गढ़वाल)। गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर कालागढ़ नगर में कला और आस्था का अनूठा संगम देखने को मिला। नगर के प्रसिद्ध व्यापारी एवं समाजसेवी पवन सिंघल की सुपुत्री एवं फाइन आर्ट विशेषज्ञ प्रियांशी सिंघल द्वारा प्राकृतिक मिट्टी से निर्मित भगवान गणेश की आकर्षक प्रतिमा इन दिनों नगरवासियों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
प्रियांशी सिंघल ने अपनी कलात्मक प्रतिभा का परिचय देते हुए प्राकृतिक मिट्टी से भगवान गणेश की सुंदर प्रतिमा तैयार की है। प्रतिमा की बारीक कारीगरी, भाव-भंगिमा और आकर्षक स्वरूप लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है। गणेश चतुर्थी जैसे धार्मिक पर्व पर स्वयं अपने हाथों से मिट्टी की प्रतिमा तैयार कर प्रियांशी ने कला के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश दिया है।
कला और पर्यावरण संरक्षण का संदेश
मिट्टी से बनी प्रतिमाओं का धार्मिक और पर्यावरणीय दृष्टि से विशेष महत्व माना जाता है। ऐसे में प्रियांशी सिंघल की यह पहल युवाओं को पारंपरिक कला, रचनात्मकता और पर्यावरण के प्रति जागरूक होने की प्रेरणा देती है।
नगर में उनकी बनाई गणेश प्रतिमा को देखने के लिए लोग उत्सुकता के साथ पहुंच रहे हैं और उनकी कलाकृति की सराहना कर रहे हैं।
पहले भी मिल चुका है अखिल भारतीय सम्मान
प्रियांशी सिंघल की कलात्मक प्रतिभा केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं है। उनकी कला प्रतिभा को राष्ट्रीय स्तर पर भी सम्मान मिल चुका है। श्री मनोरथ प्रसाद हरिवंश स्मृति ट्रस्ट द्वारा आयोजित अखिल भारतीय हरिवंश सम्मान-2025 से प्रियांशी सिंघल को सम्मानित किया जा चुका है। यह उपलब्धि कालागढ़ नगर के लिए भी गौरव का विषय है।
फाइन आर्ट के क्षेत्र में रुचि रखने वाली प्रियांशी लगातार अपनी रचनात्मक प्रतिभा को नए रूप में प्रस्तुत कर रही हैं। भगवान गणेश की मिट्टी से बनाई गई यह प्रतिमा उनकी कला के प्रति समर्पण और भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं से उनके जुड़ाव को दर्शाती है।
नगरवासियों ने की जमकर सराहना
प्रियांशी सिंघल की इस कलाकृति की नगरवासियों द्वारा जमकर सराहना की जा रही है। लोगों का कहना है कि युवा पीढ़ी यदि इसी प्रकार अपनी प्रतिभा को भारतीय कला और संस्कृति से जोड़कर आगे बढ़ाए तो पारंपरिक कलाओं को नई पहचान मिल सकती है।
पवन सिंघल की सुपुत्री प्रियांशी सिंघल ने अपनी कला के माध्यम से कालागढ़ का नाम गौरवान्वित किया है। गणेश चतुर्थी के अवसर पर उनके द्वारा निर्मित मिट्टी की गणेश प्रतिमा आस्था, कला और पर्यावरण संरक्षण—तीनों का सुंदर संदेश देती नजर आ रही है।
रिपोर्ट: कालागढ़, पौड़ी गढ़वाल
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