ऋषिकेश: अक्षय तृतीया पर ऋषिकेश नारायण श्री भरत जी महाराज के मंदिर की परिक्रमा करते हुए श्रद्धालु।
अक्षय तृतीया पर ऋषिकेश के ऐतिहासिक श्री भरत मंदिर में भगवान ऋषिकेश नारायण की 108 परिक्रमा करना अत्यंत फलदायी और बद्रीनाथ धाम की यात्रा के समान माना जाता है। मान्यता के अनुसार, इस दिन भगवान के चरणों के दर्शन होते हैं और परिक्रमा से मनोवांछित फल, परम ऐश्वर्य और सुख-समृद्धि प्राप्त होती है।
अक्षय तृतीया पर परिक्रमा का विशेष महत्व:
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बद्रीनाथ के दर्शन का फल: ऐसी पौराणिक मान्यता है कि अक्षय तृतीया के दिन भरत मंदिर की 108 परिक्रमा करने से साक्षात भगवान बद्रीनाथ के दर्शन करने के बराबर पुण्य लाभ मिलता है।
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चरण दर्शन: वर्ष में केवल अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर ही भगवान ऋषिकेश नारायण के चरणों के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त होता है।
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पापों का नाश और समृद्धि: मान्यताओं के अनुसार, इस दिन की गई परिक्रमा से सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और जीवन में समृद्धि आती है।
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ऐतिहासिक महत्व: 12वीं शताब्दी से विराजमान इस मंदिर में इस दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है, और सुबह-सुबह ही परिक्रमा शुरू हो जाती है।
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