गोपेश्वर: संरक्षण को लेकर जनपद चमोली में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय गोपेश्वर में एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई।
यह कार्यशाला माउंट चिल्ड्रन फाउंडेशन, नंदानगर द्वारा आयोजित की गई, जिसमें 20 ग्राम पंचायतों की बाल संरक्षण समितियों के प्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और अन्य प्रतिभागियों ने भाग लिया।
जागरूकता और जिम्मेदारी पर फोकस
कार्यशाला का उद्देश्य बाल अपराधों के प्रति जागरूकता बढ़ाना, बच्चों के अधिकारों की जानकारी देना और ग्राम स्तर पर कार्यरत समितियों की भूमिका को मजबूत करना रहा।
कार्यक्रम में बाल सुरक्षा से जुड़े कई संवेदनशील विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
कानूनों की दी गई विस्तृत जानकारी
इस दौरान पुलिस उपाधीक्षक कर्णप्रयाग त्रिवेंद्र सिंह राणा ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए बताया—
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पॉक्सो एक्ट (पोक्सो) के प्रावधान
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बाल श्रम निषेध कानून
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बाल तस्करी से जुड़े अपराध
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किशोर न्याय अधिनियम के तहत कानूनी प्रक्रिया
उन्होंने उदाहरणों के माध्यम से यह भी समझाया कि छोटे संकेतों को पहचानकर बच्चों को अपराधों से बचाया जा सकता है।
समाज और प्रशासन के समन्वय पर जोर
उन्होंने कहा कि बाल अपराध आज एक गंभीर सामाजिक चुनौती है, जिसकी रोकथाम के लिए समाज, पुलिस, प्रशासन और अभिभावकों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।
ग्राम स्तरीय समितियों को अपने क्षेत्र में सतर्क रहते हुए संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तत्काल संबंधित विभागों को देने की जिम्मेदारी निभानी होगी।
शिकायत और हेल्पलाइन की जानकारी
कार्यक्रम में प्रतिभागियों को यह भी बताया गया कि बच्चों के साथ होने वाले अपराधों को छुपाना नहीं चाहिए।
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तुरंत शिकायत दर्ज कराना जरूरी
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हेल्पलाइन नंबरों का उपयोग करें
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समय पर सूचना से ही कार्रवाई संभव
निष्कर्ष
इस कार्यशाला के माध्यम से बाल सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने और समुदाय स्तर पर जिम्मेदारी तय करने की दिशा में एक मजबूत प्रयास किया गया।
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