ऋषिकेश: रामनवमी के पावन अवसर पर तपोवन स्थित श्री लक्ष्मण धाम मंदिर (लक्ष्मेश्वर धाम) में आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। लक्ष्मण महाराज की चरण पादुका के दर्शन के लिए हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी, जिसमें स्थानीय लोगों के साथ विदेशी पर्यटक भी शामिल रहे।
बैंड-बाजे के साथ निकली भव्य शोभायात्रा
मंदिर के महंत जगदीश प्रपन्नाचार्य के नेतृत्व में लक्ष्मण महाराज की चरण पादुका को पालकी में विराजमान कर भव्य शोभायात्रा निकाली गई।
यात्रा मंदिर परिसर से शुरू होकर
लक्ष्मण चौक होते हुए
तपोवन गंगा घाट तक पहुंची
बैंड-बाजे और जयकारों के बीच निकली इस यात्रा में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
गंगा स्नान के बाद मंदिर में हुआ समापन
तपोवन घाट पर विधि-विधान के साथ:
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चरण पादुकाओं का गंगा स्नान कराया गया
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इसके बाद शोभायात्रा पुनः मंदिर परिसर लौटी
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गर्भगृह में पादुकाओं को स्थापित कर कार्यक्रम का समापन किया गया
विधि-विधान से हुए धार्मिक अनुष्ठान
कार्यक्रम के दौरान पुजारी सुमित गौड़ और दिनेश कोठारी द्वारा:
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रामचरितमानस नवाह्न पारायण पाठ
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हवन-यज्ञ
जैसे धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए गए।
त्रेता युग से जुड़ा है मंदिर का इतिहास
महंत जगदीश प्रपन्नाचार्य ने बताया कि:
- लक्ष्मण महाराज, भगवान राम के छोटे भाई और शेषनाग के अवतार माने जाते हैं
- रावण वध के बाद उन्होंने तपोवन में गंगा तट पर भगवान शिव की कठोर तपस्या की थी
इसी कारण यह स्थान लक्ष्मणेश्वर धाम के नाम से प्रसिद्ध है और हर वर्ष रामनवमी पर चरण पादुका का गंगा स्नान कराया जाता है।
संत समाज और श्रद्धालुओं की बड़ी भागीदारी
इस अवसर पर संत समाज के साथ-साथ सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से:
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गोपाल शर्मा
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अशोक शर्मा
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दिनेश शर्मा
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विपिन शर्मा
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मनीष शर्मा
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राजीवगढ़
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रवि प्रपन्नाचार्य
सहित बड़ी संख्या में भक्तों ने कार्यक्रम में सहभागिता की।
रिपोर्ट: पहाड़ी चीता ब्यूरो
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