ऋषिकेश में इलेक्ट्रिक बस योजना के विरोध में ऑटो चालकों का जबरदस्त प्रदर्शन

ऋषिकेश नगर क्षेत्र में इलेक्ट्रिक वाहनों के संचालन के विरोध में शनिवार (24 जनवरी 2026) को तिपहिया परिवहन व्यवसाय से जुड़े हजारों ऑटो-विक्रम चालक एवं वाहन स्वामी सड़कों पर उतर आए। उत्तराखंड विक्रम ऑटो महासंघ के अध्यक्ष महंत विनय सारस्वत के नेतृत्व में ऑटो-विक्रम चालक आईडीपीएल ग्राउंड में एकत्रित हुए और रैली के रूप में नगर निगम प्रांगण तक पहुंचे।

उल्लेखनीय है कि केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय की योजना के तहत उत्तराखंड शहरी विकास एजेंसी द्वारा ऋषिकेश में नेपाली फार्म से तपोवन तक 27 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की अनुमति दी गई है। इसी प्रस्ताव के विरोध में तिपहिया परिवहन व्यवसाय से जुड़े संगठन लगातार आंदोलनरत थे और अपनी मांगों को लेकर कैबिनेट मंत्री, एसडीएम, नगर आयुक्त एवं महापौर को ज्ञापन सौंपते आ रहे थे।

शनिवार को आर-पार की लड़ाई का ऐलान करते हुए तिपहिया वाहन स्वामियों ने अपने वाहनों को रैली के रूप में नगर निगम परिसर में खड़ा कर दिया। महारैली को संबोधित करते हुए अध्यक्ष महंत विनय सारस्वत ने कहा कि यह लड़ाई केवल परिवहन की नहीं, बल्कि हजारों परिवारों के रोजगार और आजीविका की है। उन्होंने महापौर का आभार जताते हुए कहा कि महापौर ने उनकी पीड़ा को समझते हुए यह आश्वासन दिया है कि ऋषिकेश नगर क्षेत्र के भीतर इलेक्ट्रिक वाहनों का संचालन नहीं होगा। साथ ही हरिद्वार एवं डोईवाला की परिवहन यूनियनों द्वारा दिए गए सहयोग के लिए भी धन्यवाद ज्ञापित किया गया।

इस अवसर पर उत्तराखंड परिवहन महासंघ के अध्यक्ष सुधीर राय रावत ने कहा कि प्रदेश में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। एक ओर किसान आत्महत्या को मजबूर हैं, महिलाएं न्याय के लिए संघर्ष कर रही हैं, बेरोजगारी बढ़ रही है और पेपर लीक जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं। ऐसे में यदि रोजगार के अवसर खत्म होते रहे तो सामाजिक असंतोष और हिंसा की स्थिति बन सकती है। उन्होंने सरकार से रोजगार सृजन के लिए ठोस एवं वैधानिक कदम उठाने की मांग की।

कार्यक्रम में विभिन्न ऑटो यूनियनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे। तपोवन ऑटो यूनियन के अध्यक्ष त्रिलोक सिंह भंडारी ने सभा का संचालन किया, जबकि मुनि की रेती ऑटो यूनियन के अध्यक्ष सुनील शर्मा ने ज्ञापन पढ़कर महापौर को सौंपा।

नगर निगम प्रांगण में उपस्थित परिवहन संगठनों के प्रतिनिधियों, चालकों एवं वाहन स्वामियों को संबोधित करते हुए महापौर शम्भू पासवान ने कहा कि नगर निगम आपके रोजगार की इस लड़ाई में आपके साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि सरकार यदि ऐसा कोई प्रस्ताव नगर निगम में भेजती है, जो स्थानीय लोगों के रोजगार के विरुद्ध हो, तो नगर निगम उसे वापस भेज देगा। हम जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधि हैं और जनता के हितों की रक्षा करना हमारा दायित्व है।

महापौर के स्पष्ट आश्वासन के बाद अध्यक्ष महंत विनय सारस्वत द्वारा आंदोलन स्थगित करने की घोषणा की गई। कार्यक्रम में राजेंद्र लंबा, वीरेंद्र सेजवान, मंगल सिंह, राणा प्रताप यादव, नवीन चंद्र रमोला, आशुतोष शर्मा, दयाल सिंह भंडारी सहित विभिन्न परिवहन संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और समर्थन व्यक्त किया।


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