मुख्यमंत्री धामी ने कहा- कोटद्वार जल्द ही ग्लोबल बर्ड डेस्टिनेशन बनेगा, बर्ड फेस्टिवल होगा मील का पत्थर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कोटद्वार क्षेत्र जल्द ही पक्षी अवलोकन के लिए ग्लोबल बर्ड डेस्टिनेशन के रूप में उभरेगा और यहां आयोजित होने वाला बर्ड फेस्टिवल पर्यटन विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि कोटद्वार में 400 से अधिक पक्षी प्रजातियों की मौजूदगी क्षेत्र के समृद्ध ईको सिस्टम को दर्शाती है, जिसे संरक्षित करना अत्यंत आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार जैव विविधता संरक्षण के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है और उत्तराखंड जैव विविधता की दृष्टि से देश के समृद्ध राज्यों में शामिल है, जहां लगभग 71 प्रतिशत भूभाग वन क्षेत्र से आच्छादित है। उन्होंने कहा कि राज्य पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में देश में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

सुर्खाब पक्षी का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह सुनहरे पंखों वाला दुर्लभ पक्षी सर्दियों के मौसम में उत्तराखंड आता है।

कहा कि पक्षी पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के साथ-साथ बीज प्रसार एवं पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने वन व वन्यजीवों के संरक्षण को सरकार की ओर से हो रहे प्रयासों का भी जिक्र किया।

विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने सुझाव दिया कि प्रदेश सरकार के वार्षिक कैलेंडर में 31 जनवरी को बर्ड फेस्टिवल दिवस के रूप में शामिल किया जाना चाहिए, ताकि देश-विदेश के पक्षी एवं प्रकृति प्रेमी कोटद्वार की ओर आकर्षित हों। उन्होंने क्षेत्र की विकास संबंधी योजनाओं का एक मांगपत्र भी मुख्यमंत्री को सौंपा।

इस मौके पर लैंसडौन क्षेत्र के विधायक दिलीप सिंह रावत, महापौर शैलेंद्र सिंह रावत, जिला पंचायत अध्यक्ष रचना बुटोला, मंडी समिति के अध्यक्ष सुमन कोटनाला, उत्तराखंड गोसेवा आयोग के अध्यक्ष पं.राजेंद्र अणथ्वाल, सिंचाई सलाहकार समिति के अध्यक्ष ऋषि कंडवाल, जिलाधिकारी स्वाति एस.भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार, मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत, डीएफओ जीवन मोहन दगाड़े, भाजपा जिलाध्यक्ष राजगौरव नौटियाल, भाजयुमो जिलाध्यक्ष शांता बमराड़ा, नगर आयुक्त पीएल शाह, उपजिलाधिकारी चतर सिंह चौहान, जिला पर्यटन विकास अधिकारी खुशाल सिंह नेगी समेत बड़ी संख्या में क्षेत्र के लोग मौजूद रहे।

अगले दो-तीन माह में होगा लालढांग-चिलरखाल वन मार्ग का शिलान्यास

कार्यक्रम के दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने लालढांग-चिलरखाल मोटर मार्ग की बात उठाई। कहा कि पूर्व में इस मार्ग को लेकर पैरवी नहीं की गई, जिससे मार्ग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई नहीं हो पाई।

अब कोर्ट में लगातार इस मामले की पैरवी चल रही है। नतीजा, अगले दो-तीन महीने में न्यायालय से इस मामले में जनभावनाओं के अनुरूप निर्णय आने की संभावना है। इसके बाद बाद सड़क का शिलान्यास किया जाएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री के समक्ष कोटद्वार जिला निर्माण की भी मांग उठाई।


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