मां जिलासू चंडिका पहुंचीं मेती गांव झिरकोटी, ग्रामीणों ने धूमधाम से किया स्वागत

चमोली: समुद्र मंथन कार्यक्रम के पश्चात आराध्य देवी मां जिलासू चंडिका दूसरे दिन अपने मेती गांव झिरकोटी पहुंचीं, जहां पूरे गांव में श्रद्धा और भक्ति का वातावरण देखने को मिला।

मां के आगमन पर ग्राम प्रधान राजे सिंह चौहान एवं चौहान परिवार सहित समस्त ग्रामीणों ने विधि-विधान के साथ देवी का भव्य स्वागत किया। गांव में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ धार्मिक आयोजन किए गए।

रातभर गूंजे भजन-कीर्तन

मां के आगमन के उपलक्ष्य में रात्रि के समय महिलाओं द्वारा भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। पूरे गांव में भक्ति रस की धारा बहती रही और श्रद्धालु पूरी रात मां की भक्ति में लीन रहे।

प्रातःकालीन पूजा और आशीर्वाद

अगले दिन प्रातःकाल पुजारी द्वारा विधिवत देवी पूजा संपन्न कराई गई।

इसके बाद मां चंडिका ने धियाणियों की पूजा स्वीकार की और सभी ग्रामीणों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि गांव में सुख-समृद्धि और खुशहाली बनी रहे।

गांव भ्रमण और भावुक विदाई

पूजा-अर्चना के बाद मां ने पूरे गांव का भ्रमण किया। चूंकि यह गांव देवी का मेती (मायका) है, इसलिए ग्रामीणों ने उन्हें धियाण (बेटी) के रूप में विदा किया।

विदाई का यह क्षण अत्यंत भावुक रहा, जहां श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं।

12 साल बाद फिर आने का वादा

मां जिलासू चंडिका ने विदा होते समय अपने भक्तों से 12 वर्षों बाद पुनः आने का वादा किया, जिससे ग्रामीणों में आस्था और उत्साह और भी बढ़ गया।

निष्कर्ष

यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक था, बल्कि उत्तराखंड की समृद्ध लोक परंपराओं, देवी संस्कृति और भावनात्मक जुड़ाव का भी अद्भुत उदाहरण बना।

इस अवसर पर माठापति दिलबर चौहान, उपाध्यक्ष संदीप चौहान, ईश्वर राणा, ग्राम प्रधान राजे चौहान, सुनीता नेगी, संगीता पवार, वीरेंद्र सिंह चौहान, रामचंद्र चौहान सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।

रिपोर्ट: पहाड़ी चीता ब्यूरो


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