गैरसैंण में कांग्रेस और यूकेडी का विधानसभा घेराव, पुलिस से झड़प, वाटर कैनन का इस्तेमाल

कांग्रेस कार्यकर्ता विभिन्न स्थानों से रैली के रूप में विधानसभा की ओर बढ़ने लगे। बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने जंगलचट्टी और दुपतोलासैंण बैरियर पर उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन कार्यकर्ताओं का हुजूम आगे बढ़ता गया और आखिरकार दिवालीखाल बैरियर तक पहुंच गया। यहां कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और कांग्रेस चुनाव संचालन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत सहित कई वरिष्ठ नेता पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स पर चढ़कर वहीं धरने पर बैठ गए। इस दौरान नेताओं ने कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाते हुए सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

करीब तीन घंटे तक दिवालीखाल क्षेत्र “स्थायी राजधानी गैरसैंण बनाओ”, “महिला विरोधी सरकार नहीं चलेगी”, “अंकिता को न्याय दो” जैसे नारों से गूंजता रहा। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को वाटर कैनन का सहारा लेना पड़ा। इस दौरान कई घंटे तक कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बनी रही।

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि उत्तराखंड और गैरसैंण के विकास के लिए कांग्रेस सरकार ने जो रोडमैप तैयार किया था, वह आज तक आगे नहीं बढ़ पाया है और इसमें वर्तमान भाजपा सरकार पूरी तरह विफल साबित हुई है।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने आरोप लगाया कि प्रदेश की भाजपा सरकार तानाशाही रवैया अपना रही है और शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर बल प्रयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता अब बदलाव चाहती है और आने वाले समय में उत्तराखंड में खुशहाली और विकास का नया दौर आएगा।

वहीं हरक सिंह रावत ने कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार और जनसमस्याओं से लोग परेशान हैं और अब समय आ गया है कि इस सरकार को हटाकर सुशासन वाली सरकार लाई जाए।

प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने कहा कि प्रदेश में महंगाई, बेरोजगारी और महिला असुरक्षा लगातार बढ़ रही है, लेकिन सरकार इन मुद्दों पर चर्चा करने से बच रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता की आवाज दबाई नहीं जा सकती।

प्रदर्शन के दौरान बद्रीनाथ विधायक लखपत बुटोला, पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल, नगर पंचायत अध्यक्ष गैरसैंण मोहन भंडारी, नगर पंचायत अध्यक्ष थराली सुनीता रावत, ब्लॉक प्रमुख द्वाराहाट डॉ. आरती किरोला, कांग्रेस प्रदेश महासचिव करण माहरा, प्रदीप थपलियाल, पूर्व विधायक रणजीत रावत सहित पूरे प्रदेश से पहुंचे हजारों कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

यूकेडी का भी प्रदर्शन, वाटर कैनन का हुआ इस्तेमाल

उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा परिसर में जहां अंदर राज्यपाल का अभिभाषण चल रहा था, वहीं बाहर सड़कों पर राजनीतिक गर्मी देखने को मिली। उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के सैकड़ों कार्यकर्ता जुलूस के रूप में विधानसभा की ओर बढ़ते हुए प्रदर्शन करने लगे, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।

जैसे ही प्रदर्शनकारी आगे बढ़े, पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए सुरक्षा घेरा मजबूत किया। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन का सहारा लेना पड़ा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी धक्का-मुक्की भी हुई।

दरअसल, यूकेडी कार्यकर्ता गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित करने, पहाड़ों से लगातार हो रहे पलायन को रोकने, जंगली जानवरों के बढ़ते हमलों पर नियंत्रण लगाने और शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे थे। दिवालीखाल स्थित भराड़ीसैंण विधानसभा के प्रवेश द्वार पर जुटे प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। इस दौरान उग्र भीड़ ने सुरक्षा व्यवस्था को तोड़ते हुए विधानसभा कूच के दौरान तीन बैरियर भी क्षतिग्रस्त कर दिए।

पुलिस की ओर से वाटर कैनन चलाए जाने के बावजूद प्रदर्शनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं हुए और बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश करते हुए आगे बढ़ते रहे। हालांकि पुलिस ने उन्हें भराड़ीसैंण विधानसभा से लगभग एक किलोमीटर पहले ही रोक दिया। इसके बाद कई प्रदर्शनकारी सड़क पर ही धरने पर बैठ गए और विधानसभा तक मार्च की मांग पर अड़े रहे। हालात को संभालने में पुलिस और प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ी।

प्रदर्शन के दौरान यूकेडी युवा मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष आशीष नेगी ने कहा कि गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाए जाने की मांग पूरी तरह संवैधानिक है। उन्होंने बताया कि इस राज्य के निर्माण के लिए 42 लोगों ने अपने प्राणों की आहुति दी थी, लेकिन राज्य बनने के बाद भी पहाड़ के लोगों को मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की कमी और जंगली जानवरों के हमलों से पहाड़ के लोग लगातार परेशान हैं।

वहीं पूर्व विधायक पुष्पेश त्रिपाठी ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अब वक्त आ गया है कि गैरसैंण को राजधानी का अधिकार दिलाया जाए। उन्होंने उन जनप्रतिनिधियों पर भी सवाल उठाए जो चुनाव तो पहाड़ से जीतते हैं, लेकिन बाद में देहरादून और हल्द्वानी में बस जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और कांग्रेस के कई नेता जनता की समस्याओं से दूर रहकर केवल प्रॉपर्टी कारोबार में लगे हैं।

प्रदर्शन के दौरान हालात बिगड़ने पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए यूकेडी नेता आशीष नेगी समेत सैकड़ों कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। आशीष नेगी और कुछ अन्य प्रदर्शनकारियों को जंगलचट्टी स्थित अस्थायी जेल भेजा गया, जबकि कई कार्यकर्ताओं को मेहलचोरी अस्थायी जेल में रखा गया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच काफी देर तक जोर आजमाइश भी देखने को मिली।

रिपोर्ट: पहाड़ी चीता ब्यूरो


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