देहरादून: गैस कालाबाजारी पर सख्त एक्शन, अब एजेंसी मालिकों को सीधे जेल भेजने के निर्देश

देहरादून: देहरादून में एलपीजी गैस की कालाबाजारी पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि अब गैस एजेंसी मालिकों को सीधे जेल भेजा जाएगा। जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में कई कड़े निर्देश जारी किए गए।

हर गैस एजेंसी पर प्रशासन की नजर

जिले की सभी गैस एजेंसियों पर अब अधिकारियों की तैनाती कर दी गई है, जो:

  • स्टॉक

  • वितरण

  • बैकलॉग

  • एजेंसी गतिविधियों

पर लगातार निगरानी रखेंगे।

होम डिलीवरी अनिवार्य, गोदाम से वितरण पर रोक

जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि:

  • गैस सिलेंडर केवल होम डिलीवरी (ओटीपी आधारित) से ही दिए जाएं

  • एजेंसी या गोदाम से सीधे वितरण पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा

  • उपभोक्ताओं के लिए सूचना बोर्ड और बुकिंग नंबर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किए जाएं

मैन्युअल बुकिंग डेटा आज ही अपडेट करने के आदेश

जिलाधिकारी ने पाया कि तकनीकी समस्या के कारण लगभग 25 हजार मैन्युअल बुकिंग की एंट्री सॉफ्टवेयर में लंबित है।

निर्देश:

  • सभी एंट्री आज शाम तक अपडेट की जाएं

  • 25 व 45 दिन की एडवांस बुकिंग की अलग रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए

  • आदेश न मानने पर सख्त कार्रवाई होगी

कालाबाजारी पर ताबड़तोड़ कार्रवाई

जिला प्रशासन की कार्रवाई में अब तक:

  • 05 मुकदमे दर्ज

  • 03 आरोपी जेल भेजे गए

  • 150 घरेलू सिलेंडर जब्त

  • 139 व्यावसायिक सिलेंडर जब्त

  • 07 छोटे सिलेंडर जब्त

एजेंसी मालिकों की पहचान कर होगी गिरफ्तारी

जिलाधिकारी ने पुलिस को निर्देश दिए कि:

  • जब्त सिलेंडरों की एजेंसीवार पहचान की जाए

  • संबंधित एजेंसी मालिक को नामजद कर सीधे जेल भेजा जाए

क्यूआरटी टीम की सख्त निगरानी

जिले की 70 गैस एजेंसियों के लिए क्यूआरटी टीम गठित की गई है, जो:

  • रोजाना निरीक्षण करेगी

  • स्टॉक और वितरण की रिपोर्ट देगी

  • अनियमितता पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करेगी

भीड़ पर नियंत्रण, व्यवस्था में सुधार

होम डिलीवरी सिस्टम लागू होने से:

  • गैस एजेंसियों पर भीड़ कम हुई

  • कानून व्यवस्था बेहतर हुई

  • उपभोक्ताओं को सीधे घर पर गैस मिल रही है

प्रशासन का संदेश

जिला प्रशासन ने साफ किया है कि गैस कालाबाजारी करने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।

रिपोर्ट: पहाड़ी चीता ब्यूरो


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