चमोली में महिला आयोग की जनसुनवाई: घरेलू हिंसा और भरण-पोषण के मामलों की सुनवाई

चमोली:उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की ओर से शुक्रवार को जिला सभागार में जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान आयोग की सदस्य विजया रावत और दर्शनी पंवार ने महिलाओं की समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागों को मामलों के निस्तारण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

महिलाओं की विभिन्न समस्याओं की सुनवाई

जनसुनवाई के दौरान महिलाओं द्वारा घरेलू हिंसा, भरण-पोषण, भूमि विवाद और कार्यालयी विवाद से जुड़े मामलों को आयोग के सामने रखा गया। आयोग के सदस्यों ने इन मामलों में वन स्टॉप सेंटर, समाज कल्याण विभाग, पुलिस और अन्य संबंधित विभागों को नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

इसके साथ ही विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिवक्ताओं को पीड़ित महिलाओं को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के लिए कहा गया।

महिलाओं को अधिकारों के प्रति जागरूक होने की जरूरत

आयोग की सदस्य विजया रावत ने कहा कि जनसुनवाई कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को कानूनी सुरक्षा और सहायता उपलब्ध कराना है। उन्होंने अभिभावकों से बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर जागरूक रहने की अपील की।

उन्होंने कहा कि अभिभावकों को अपने बच्चों के परिवेश और आसपास के माहौल की जानकारी होनी चाहिए, जिससे किसी भी संभावित खतरे से उन्हें बचाया जा सके। साथ ही महिलाओं को अपने अधिकारों और सरकार द्वारा किए गए प्रावधानों की जानकारी होना भी आवश्यक है।

राज्यभर में आयोजित किए जा रहे कार्यक्रम

आयोग की सदस्य दर्शनी पंवार ने कहा कि महिला सुरक्षा और जागरूकता को बढ़ाने के उद्देश्य से राज्य महिला आयोग की ओर से विभिन्न जिलों में जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

कार्यक्रम में ये लोग रहे मौजूद

कार्यक्रम में विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिवक्ता ज्ञानेंद्र खंतवाल, रेजा चौधरी और गीता बिष्ट ने महिला कानूनों की जानकारी देते हुए पीड़ितों को कानूनी परामर्श भी दिया।

इस दौरान तहसीलदार चमोली दीप्ति शिखा, खंड शिक्षा अधिकारी पंकज उप्रेती, सीडीपीओ ज्योतिर्मठ अभिजीत कुमार, अंजली रावत, एसआई मीतू गुसाईं, किशोर न्याय बोर्ड की सदस्य शांति राणा और सुरेंद्र रावत सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

रिपोर्ट: प्रदीप चौहान


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