मकर संक्रांति, जो दान और पुण्य करने का पर्व है, इस वर्ष बुधवार को मनाई जाएगी। इस दिन सूर्य का मकर राशि में प्रवेश होगा, जिसके कारण सुबह से शाम तक स्नान और दान का शुभ मुहूर्त रहेगा। सालभर की 12 संक्रांतियों में मकर संक्रांति का विशेष महत्व माना गया है, क्योंकि ऐसी मान्यता है कि इस दिन गंगा स्नान और दान-पुण्य करने से व्यक्ति के पापों का नाश होता है और उसका भाग्योदय होता है। इस अवसर पर विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों द्वारा शहर में कई स्थानों पर खिचड़ी के स्टाल लगाए जाएंगे।
इस दिन सूर्य देव उत्तरायण की तरफ से मकर रेखा से उत्तर दिशा में आ जाते हैं। जिस वजह से मकर संक्रांति को उत्तरायण भी कहा जाता है। आचार्य डा. सुशांत राज के अनुसार, हिंदू पंचांग के अनुसार दोपहर तीन बजकर 13 मिनट से शाम चार बजकर 58 मिनट तक का समय पुण्य काल रहेगा।
इस दिन सूर्यदेव के साथ-साथ भगवान विष्णु की उपासना भी की जाती है। दान पुण्य करने की महत्ता है। वहीं शहर के विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने भी तैयारियों को अंतिम रूप दिया है।
श्री पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर सहारनपुर चौक, श्री आदर्श मंदिर पटेलनगर, श्री श्याम सुंदर मंदिर पटेलनगर, श्री अभयमठ मंदिर लक्ष्मण चौक, कमलेश्वर महादेव मंदिर जीएमएस रोड समेत विभिन्न मंदिरों में खिचड़ी का प्रसाद वितरित किया जाएगा। व्यापारियों की ओर से शहर के विभिन्न जगह पर खिचड़ी के स्टाल लगाकर सेवा की जाएगी।
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