नई दिल्ली: भाजपा के राष्ट्रीय सह-कोषाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद डॉ. नरेश बंसल ने संसद में स्वदेश दर्शन और स्वदेश दर्शन 2.0 योजना के अंतर्गत स्वीकृत पर्यटन परियोजनाओं को लेकर प्रश्न उठाया। उन्होंने पर्यटन मंत्रालय से इन योजनाओं के तहत स्वीकृत और पूर्ण हुई परियोजनाओं का विवरण मांगा।
सांसद ने पूछे ये सवाल
डॉ. नरेश बंसल ने पर्यटन मंत्री से निम्नलिखित बिंदुओं पर जानकारी मांगी:
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स्वदेश दर्शन और स्वदेश दर्शन 2.0 के अंतर्गत स्वीकृत परियोजनाओं की संख्या
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अब तक पूर्ण की गई परियोजनाओं का विवरण
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चुनौती आधारित गंतव्य विकास (सीबीडीडी) पहल के उद्देश्य
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इसके तहत समर्थित परियोजनाओं की श्रेणियां
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प्रतिष्ठित पर्यटन स्थलों के विकास के लिए दीर्घकालिक ब्याज रहित वित्तीय सहायता का उपयोग
पर्यटन मंत्री ने सदन में दी जानकारी
केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने सदन में जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2014-15 में स्वदेश दर्शन योजना शुरू की गई थी, जिसका उद्देश्य देश में विषयगत पर्यटन परिपथ विकसित करना और पर्यटन अवसंरचना को मजबूत करना है।
उन्होंने बताया कि:
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5290.33 करोड़ रुपये की लागत से 76 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई
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इनमें से 75 परियोजनाएं भौतिक रूप से पूरी हो चुकी हैं
बाद में इस योजना को नया रूप देते हुए स्वदेश दर्शन 2.0 शुरू किया गया, जिसके तहत:
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2208.31 करोड़ रुपये की 53 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई
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ये परियोजनाएं विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कार्यान्वयन के अलग-अलग चरणों में हैं
सीबीडीडी पहल के तहत 38 परियोजनाएं मंजूर
पर्यटन मंत्रालय ने चुनौती आधारित गंतव्य विकास (सीबीडीडी) पहल के तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से प्रस्ताव आमंत्रित किए। इसके तहत:
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697.94 करोड़ रुपये की 38 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई
ये परियोजनाएं चार श्रेणियों में हैं:
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संस्कृति और विरासत
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आध्यात्मिक पर्यटन
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जीवंत ग्राम
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पारिस्थितिकी पर्यटन एवं अमृत धरोहर स्थल
इस पहल का उद्देश्य पर्यटन स्थलों का समग्र और टिकाऊ विकास करना तथा पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाना है।
प्रतिष्ठित पर्यटन स्थलों के विकास के लिए विशेष योजना
पर्यटन मंत्रालय ने पूंजी निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता (एसएएससीआई) योजना भी शुरू की है। इसके तहत वित्तीय वर्ष 2024-25 में 3295.76 करोड़ रुपये की 40 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जिनका उद्देश्य देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों का विकास करना है।
रिपोर्ट: पहाड़ी चीता ब्यूरो
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