कालागढ़ में मां दुर्गा की प्रतिमा का श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ विसर्जन किया गया। वर्कचार्ज कॉलोनी में आयोजित दुर्गा पूजा के बाद श्रद्धालुओं ने मां की प्रतिमा के साथ विसर्जन यात्रा निकाली। यात्रा रामगंगा नदी के तट पर पहुंची, जहां धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार प्रतिमा का विसर्जन किया गया। इस दौरान पूरा क्षेत्र मां दुर्गा के जयकारों और भक्ति गीतों से गूंज उठा।
पवन सिंघल ने कराया दुर्गा पूजा का आयोजन
कालागढ़ की वर्कचार्ज कॉलोनी में दुर्गा पूजा का आयोजन शहर के प्रसिद्ध व्यापारी श्री पवन सिंघल द्वारा कराया गया। नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा की विधिवत पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। नवरात्र के समापन पर आयोजित विसर्जन कार्यक्रम में नगर के अनेक श्रद्धालुओं और गणमान्य लोगों ने हिस्सा लिया।
जयकारों के साथ निकली विसर्जन यात्रा
विसर्जन से पहले मां दुर्गा की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद श्रद्धालु प्रतिमा को लेकर विसर्जन यात्रा पर निकले। यात्रा के दौरान महिलाओं, युवाओं और अन्य नगरवासियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। श्रद्धालु लगातार मां दुर्गा के जयकारे लगाते रहे। ‘जय माता दी’ के उद्घोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
रामगंगा नदी में विधि-विधान से विसर्जन
विसर्जन यात्रा रामगंगा नदी के तट पर पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा की अंतिम पूजा-अर्चना की। इसके बाद धार्मिक रीति-रिवाजों और विधि-विधान के साथ प्रतिमा का विसर्जन किया गया। मां की विदाई के समय श्रद्धालु भावुक नजर आए। सभी ने मां दुर्गा से अगले वर्ष फिर आने की प्रार्थना करते हुए क्षेत्र और नगरवासियों के सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की।
गणमान्य लोगों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु रहे मौजूद
कार्यक्रम में पंडित डॉ. देवेंद्र प्रसाद, दीपांशु, अजीत कांबोज, दीपांशी सिंघल, श्री मनोरथ प्रसाद हरिवंश स्मृति ट्रस्ट की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती योगिता जोशी और मनुदेव तीर्थकर सहित बड़ी संख्या में नगरवासी एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
इस अवसर पर लोगों ने कहा कि धार्मिक आयोजन समाज को एकजुट करने के साथ आपसी भाईचारे और सद्भाव को मजबूत बनाते हैं। दुर्गा पूजा और विसर्जन कार्यक्रम में विभिन्न वर्गों के लोगों ने श्रद्धापूर्वक भागीदारी की। पूरे आयोजन के दौरान धार्मिक आस्था, उत्साह और सौहार्द का माहौल बना रहा।
अंत में श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा से सभी परिवारों के स्वस्थ और खुशहाल रहने तथा समाज में आपसी प्रेम और भाईचारा बनाए रखने की प्रार्थना की। ‘अगले बरस तू जल्दी आ’ के जयघोष के साथ मां दुर्गा को भावपूर्ण विदाई दी गई।
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