नशा-मुक्त समाज के निर्माण के लिए उत्तराखंड पुलिस का 12 सदस्यीय मोटरसाइकिल दल गुजरात रवाना

देहरादून, 17 अक्टूबर। नशा-मुक्त समाज के निर्माण और युवाओं को मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से उत्तराखंड पुलिस का 12 सदस्यीय मोटरसाइकिल दल गुजरात के लिए रवाना हो गया। राष्ट्रीय एकता दिवस-2026 के अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय मोटरसाइकिल रैली की थीम ‘Fight Against Drugs’ रखी गई है। इस अभियान की नोडल एजेंसी केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) है।

इस अवसर पर देहरादून पुलिस लाइन में नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत ‘मेरी शुरुआत खुद से’ थीम पर जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध एवं कानून व्यवस्था वी. मुरुगेशन ने उपस्थित लोगों को नशा न करने और समाज को नशा-मुक्त बनाने की शपथ दिलाई। इसके बाद उन्होंने हरी झंडी दिखाकर पुलिस दल को रवाना किया।

राष्ट्रीय एकता और नशा-मुक्ति का संदेश लेकर निकली रैली

कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने मोटरसाइकिल रैली को राष्ट्रीय एकता, अखंडता और मादक पदार्थों के खिलाफ जन-जागरूकता का माध्यम बताया। दल के सदस्यों को यात्रा के दौरान अनुशासन बनाए रखने, सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने और उत्तराखंड पुलिस की गरिमा के अनुरूप आचरण करने के निर्देश दिए गए।

उत्तराखंड पुलिस का दल देहरादून से हरिद्वार होते हुए नई दिल्ली पहुंचेगा। यहां 21 अक्टूबर को राष्ट्रीय पुलिस स्मारक से उत्तरी जोन के दलों को संयुक्त रूप से रवाना किया जाएगा। इसके बाद विभिन्न राज्यों से गुजरते हुए दल 31 अक्टूबर, 2026 को गुजरात के एकता नगर में आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह और परेड में प्रतिभाग करेगा।

युवाओं और आमजन को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति करेंगे जागरूक

रैली के दौरान उत्तराखंड पुलिस के जवान विभिन्न पड़ावों पर स्थानीय नागरिकों, छात्र-छात्राओं और युवाओं से संवाद करेंगे। इस दौरान उन्हें नशे के शारीरिक और मानसिक दुष्प्रभावों की जानकारी देने के साथ नशा-मुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया जाएगा।

पुलिस का उद्देश्य नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाना और युवाओं को इससे दूर रहने के लिए प्रोत्साहित करना है।

एक हजार लोगों ने ली नशा-मुक्ति की शपथ

देहरादून में आयोजित जन-जागरूकता कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों के लगभग 300 छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, सरकारी विभागों के अधिकारियों और पुलिस कर्मियों सहित करीब 1,000 लोगों ने हिस्सा लिया।

कार्यक्रम के तहत आयोजित गोष्ठी में विशेषज्ञों ने नशे के मानसिक और शारीरिक दुष्प्रभावों पर जानकारी साझा की। डॉ. शिल्पी अरोड़ा ने नशे से होने वाले नुकसान के बारे में विस्तार से बताया। इसके बाद छात्र-छात्राओं के साथ संवाद और प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने अपनी जिज्ञासाएं रखीं।

सेल्फी पॉइंट बना आकर्षण का केंद्र

कार्यक्रम स्थल पर स्थापित ‘नशा मुक्त उत्तराखण्ड–मेरी शुरुआत खुद से’ सेल्फी पॉइंट विद्यार्थियों और युवाओं के बीच आकर्षण का केंद्र रहा। इस पहल के माध्यम से नशा-मुक्त जीवन अपनाने और व्यक्तिगत स्तर से बदलाव की शुरुआत करने का संदेश दिया गया।

कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी रहे मौजूद

कार्यक्रम में पुलिस महानिरीक्षक, दूरसंचार एवं अग्निशमन विम्मी सचदेवा, पुलिस महानिरीक्षक एवं निदेशक यातायात कृष्ण कुमार वी.के., पुलिस महानिरीक्षक, अपराध एवं कानून व्यवस्था/साइबर नीलेश आनंद भरणे, पुलिस महानिरीक्षक, कार्मिक सुनील कुमार मीणा और पुलिस उपमहानिरीक्षक, अपराध एवं कानून व्यवस्था धीरेन्द्र गुंज्याल सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।

इसके अलावा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून, पुलिस अधीक्षक नगर एवं ग्रामीण, विभिन्न क्षेत्राधिकारी और संबंधित विभागों के अधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।


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