CM धामी ने 63 मेधावी विद्यार्थियों को किया सम्मानित, पंडित दीनदयाल उपाध्याय पुरस्कार वितरित

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित पंडित दीनदयाल उपाध्याय शैक्षिक उत्कृष्टता पुरस्कार वितरण समारोह में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 63 मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया। इस अवसर पर उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम देने वाले छह विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को भी सम्मानित किया गया।

63 मेधावी विद्यार्थियों को मिला पुरस्कार

उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद की वर्ष 2026 की बोर्ड परीक्षाओं में शीर्ष 10 स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को समारोह में पुरस्कृत किया गया। इनमें हाईस्कूल के 38 और इंटरमीडिएट के 25 छात्र-छात्राएं शामिल रहे।

हाईस्कूल परीक्षा में अक्षत गोपाल ने 98.20 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया। वहीं, इंटरमीडिएट परीक्षा में गीतिका पंत और सुशीला मेहंदीरत्ता ने 98 प्रतिशत अंक प्राप्त कर संयुक्त रूप से प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया।

इसके साथ ही हाईस्कूल और इंटरमीडिएट स्तर पर उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम देने वाले तीन-तीन विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को प्रशस्ति पत्र और मुख्यमंत्री ट्रॉफी प्रदान की गई।

मेधावी विद्यार्थी प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य के आधार स्तंभ: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी सम्मानित विद्यार्थियों और प्रधानाचार्यों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सफलता उनकी मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प का परिणाम है। इसमें शिक्षकों और अभिभावकों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहता है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2026 में प्रदेश का हाईस्कूल परीक्षा परिणाम 92.10 प्रतिशत और इंटरमीडिएट का परीक्षा परिणाम 85.11 प्रतिशत रहा। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रदेश के विद्यार्थी अपनी प्रतिभा और परिश्रम से भविष्य में भी राज्य और देश का नाम रोशन करेंगे।

शिक्षा में नैतिक मूल्यों और व्यावहारिक ज्ञान पर जोर

मुख्यमंत्री ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय को याद करते हुए कहा कि वे एकात्म मानववाद और अंत्योदय के प्रणेता होने के साथ महान विचारक, शिक्षाविद् और समाजसेवी थे। उनका मानना था कि शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसमें राष्ट्रप्रेम, नैतिक मूल्यों, सामाजिक समरसता और व्यावहारिक ज्ञान का भी समावेश होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, व्यावहारिक और गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में कदम उठाए गए हैं। उत्तराखंड राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू करने वाले अग्रणी राज्यों में शामिल है। राज्य सरकार डिजिटल लर्निंग, नवाचार और भारतीय जीवन मूल्यों को बढ़ावा देने के साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर ध्यान दे रही है।

शिक्षा के क्षेत्र में सरकार की प्रमुख पहल

मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं और पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि पात्र छात्राओं को नंदा गौरा योजना के तहत 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने पर 51 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है।

उन्होंने बताया कि दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए 500 विद्यालयों में वर्चुअल क्लासरूम और सेंट्रल स्टूडियो की व्यवस्था की जा रही है। प्रदेश में 189 अटल उत्कृष्ट विद्यालय स्थापित किए गए हैं। सरकारी विद्यालयों में एनसीईआरटी की पुस्तकों को अनिवार्य करने के साथ प्रयोगशालाओं को आधुनिक बनाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, मुख्यमंत्री बालाश्रय योजना के माध्यम से अनाथ बच्चों को निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अपनी प्रतिभा निखारने के समान अवसर देना है।

पूर्ण साक्षर राज्य बनने के बाद डिजिटल और वित्तीय साक्षरता पर जोर

मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड के पूर्ण साक्षर राज्य बनने को प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने इस अभियान में योगदान देने वाले शिक्षकों, अधिकारियों, स्वयंसेवकों और प्रदेशवासियों की सराहना की।

उन्होंने कहा कि पूर्ण साक्षरता मंजिल नहीं, बल्कि नई शुरुआत है। अब प्रत्येक नागरिक को डिजिटल साक्षरता, वित्तीय साक्षरता, स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता और जीवनोपयोगी कौशल से जोड़ने की दिशा में प्रयास किए जाने चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिकों को नई तकनीकों का उपयोग अपने जीवन को बेहतर बनाने, आजीविका मजबूत करने और समाज की प्रगति में योगदान देने के लिए सक्षम बनाना जरूरी है।

विकसित भारत के संकल्प में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए सरकार निरंतर काम कर रही है। इस लक्ष्य को हासिल करने में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और युवा पीढ़ी की महत्वपूर्ण भूमिका है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश के मेधावी विद्यार्थी अपने ज्ञान, कौशल और परिश्रम के बल पर सफलता के नए आयाम स्थापित करेंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में योगदान देंगे।

समारोह में ये रहे मौजूद

कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, विधायक सविता कपूर, सचिव शिक्षा ज्योति यादव, अपर सचिव शिक्षा नमामि बंसल और शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

 


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