क्षेत्र में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत लगभग 57 हजार मतदाताओं के नाम हटाए जाने के कांग्रेस के दावे ने मतदाता सूची की पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े किए हैं। महानगर कांग्रेस कमेटी, देहरादून के अध्यक्ष डॉ. जसविंदर सिंह गोगी ने प्रेस वार्ता कर निर्वाचन आयोग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में पारदर्शिता सुनिश्चित करना और पात्र नागरिकों के मताधिकार की रक्षा करना आवश्यक है।
क्या है पूरा मामला?
महानगर कांग्रेस कमेटी के अनुसार, धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र में लगभग दो लाख मतदाता हैं। कांग्रेस का दावा है कि SIR प्रक्रिया के दौरान करीब 57 हजार मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। पार्टी ने इस संख्या और नाम हटाने के कारणों की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है।
डॉ. गोगी ने कहा, “मतदाता सूची लोकतंत्र की बुनियाद है। अगर बुनियाद ही हिल जाएगी तो लोकतंत्र की इमारत कैसे खड़ी रहेगी?” उन्होंने इस मामले को आम नागरिकों के मताधिकार से जुड़ा गंभीर विषय बताया।
हालांकि, हटाए गए नामों की संख्या और उनके कारणों की आधिकारिक पुष्टि इस मामले में उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है। कांग्रेस की ओर से लगाए गए आरोपों पर निर्वाचन विभाग का पक्ष सामने आना बाकी है।
डॉ. गोगी ने उठाए पांच प्रमुख सवाल
1. 57 हजार नाम किस आधार पर हटाए गए?
कांग्रेस ने सवाल उठाया कि हटाए गए नामों में कितने मृत मतदाता, स्थायी रूप से पलायन कर चुके लोग या दोहरी प्रविष्टियां शामिल हैं। पार्टी ने नाम हटाने के कारणों का बूथवार विवरण सार्वजनिक करने की मांग की।
2. क्या मतदाताओं को नोटिस दिया गया?
डॉ. गोगी ने पूछा कि नाम हटाने की प्रक्रिया के दौरान संबंधित मतदाताओं को सूचना दी गई या नहीं। उन्होंने बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) द्वारा किए गए सत्यापन की जानकारी भी सार्वजनिक करने की मांग की।
3. क्या राजनीतिक आधार पर नाम हटाए गए?
कांग्रेस ने आशंका जताई कि धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक कारणों से मतदाताओं के नाम हटाए गए हो सकते हैं। पार्टी ने इस आशंका की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
4. SIR का उद्देश्य क्या होना चाहिए?
डॉ. गोगी ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध और पारदर्शी बनाना होना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि प्रक्रिया के दौरान पात्र मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
5. पात्र मतदाताओं को नाम दोबारा जुड़वाने का अवसर मिलेगा या नहीं?
कांग्रेस ने मांग की कि जिन पात्र मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं, उन्हें दोबारा नाम दर्ज कराने के लिए पर्याप्त समय और उचित अवसर दिया जाए। इसके लिए विशेष शिविर आयोजित करने की भी मांग की गई।
‘हर वोट की अपनी अहमियत है’
डॉ. जसविंदर सिंह गोगी ने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक वोट महत्वपूर्ण है और किसी भी पात्र मतदाता का नाम उचित प्रक्रिया तथा सत्यापन के बिना मतदाता सूची से नहीं हटाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना निर्वाचन आयोग की संवैधानिक जिम्मेदारी है। महानगर कांग्रेस कमेटी इस मामले को आगे भी उठाएगी। जरूरत पड़ने पर जिला निर्वाचन अधिकारी से लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त तक शिकायत की जाएगी। उन्होंने न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की संभावना भी जताई।
धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र क्यों है महत्वपूर्ण?
धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र देहरादून की महत्वपूर्ण सीटों में शामिल है। यहां शहरी और ग्रामीण, दोनों तरह के इलाके हैं और विभिन्न समुदायों के मतदाता रहते हैं। कांग्रेस का कहना है कि यदि बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने का दावा सही साबित होता है, तो इसकी विस्तृत समीक्षा आवश्यक होगी।
पार्टी ने निर्वाचन आयोग से मामले में स्थिति स्पष्ट करने और मतदाता सूची से संबंधित आंकड़े सार्वजनिक करने की मांग की है।
कांग्रेस की तीन प्रमुख मांगें
महानगर कांग्रेस कमेटी ने निर्वाचन आयोग के समक्ष तीन प्रमुख मांगें रखी हैं:
- बूथवार विवरण सार्वजनिक किया जाए: SIR के दौरान हटाए गए मतदाताओं के नामों और उनकी संख्या की जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
- स्वतंत्र समीक्षा समिति बनाई जाए: नाम हटाने के कारणों की समीक्षा के लिए स्वतंत्र समिति गठित की जाए।
- विशेष अभियान चलाया जाए: पात्र मतदाताओं को नाम दोबारा जुड़वाने के लिए पर्याप्त समय और उचित अवसर दिया जाए।
प्रेस वार्ता में ये लोग रहे मौजूद
प्रेस वार्ता में BLA-1 आशीष कुमार, प्रदेश महासचिव याकूब सिद्दीकी, ब्लॉक अध्यक्ष ललित बद्री, वीरेंद्र पंवार, मुकीम अहमद भूरा, पार्षद जाहिद अंसारी, इतायत खान, रमेश कुमार मंगू, सुरेंद्र रंगढ़, दीपक मधवाल, नवीन रमोला, सायेद जमाल, गिरीश सुंदरियाल और सूरत सिंह लांबा सहित कांग्रेस के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
उपस्थित प्रतिनिधियों ने मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखने की बात कही।
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