देहरादून। साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत उत्तराखंड एसटीएफ को बड़ी सफलता मिली है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ उत्तराखंड के निर्देश पर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून की टीम ने ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर ₹1.77 करोड़ की ठगी के मामले में राजस्थान से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।
कम निवेश में अधिक लाभ का दिया लालच
पुलिस के अनुसार, हरिद्वार निवासी शिकायतकर्ता ने बताया कि उसने YouTube पर ‘Winadda’ नामक ऑनलाइन गेमिंग वेबसाइट का विज्ञापन देखा था। विज्ञापन के जरिए संपर्क करने के बाद अज्ञात आरोपियों ने अलग-अलग मोबाइल नंबरों से WhatsApp पर लिंक भेजे और कम निवेश में अधिक लाभ का लालच दिया।
शिकायतकर्ता के अनुसार, वर्ष 2025 में आरोपियों ने उससे कुल ₹1,77,53,960 की ठगी कर ली।
मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में मु0अ0सं0 20/2026, धारा 318(4), 61(2) बीएनएस एवं 66D आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की विवेचना निरीक्षक अनिल कुमार को सौंपी गई।
बैंक खातों की जांच में सामने आया संदिग्ध लेन-देन
विवेचना के दौरान पुलिस ने संबंधित बैंक खातों का विश्लेषण किया। पुलिस के अनुसार ठगी की रकम में से ₹14 लाख आरोपी के खाते में क्रेडिट हुए थे।
जांच में आरोपी के बैंक खाते में महज चार माह के भीतर करीब ₹95 लाख का संदिग्ध लेन-देन भी सामने आया। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम ने आरोपी की पहचान कर उसकी गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई की।
राजस्थान के लाडनूं से हुई गिरफ्तारी
एसटीएफ के अनुसार पुलिस टीम ने किशोर पुत्र मदन लाल, उम्र 41 वर्ष, निवासी वार्ड नंबर 05, ऊंचा मगर बास, थाना लाडनूं, जिला डीडवाना-कुचामन, राजस्थान को लाडनूं से गिरफ्तार किया है।
पुलिस मामले में आरोपी से पूछताछ और ठगी से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।
STF ने साइबर ठगी से बचने की अपील की
एसटीएफ ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान गेमिंग वेबसाइट, ऑनलाइन निवेश या कम समय में अधिक लाभ के लालच में न आएं। किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करें।
एसटीएफ ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी होती है तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि रकम को फ्रीज कराने और आगे की कार्रवाई की संभावना बढ़ाई जा सके।
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