कनोल। मां नंदा देवी बड़ी जात 2026 की धार्मिक यात्रा श्रद्धा, आस्था और भक्ति के साथ निरंतर आगे बढ़ रही है। इसी क्रम में मां नंदा की पवित्र डोली आला गांव से प्रस्थान कर जोखना और सितेल गांव होते हुए यात्रा के दसवें पड़ाव कनोल गांव पहुंची। कठिन पहाड़ी रास्तों और खड़ी चढ़ाइयों को पार करते हुए डोली के साथ हजारों श्रद्धालु और यात्री पूरे उत्साह एवं भक्तिभाव से यात्रा में शामिल रहे।
जोखना गांव में पारंपरिक अंदाज में हुआ स्वागत
यात्रा के दौरान जोखना गांव में ग्रामीणों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों और आत्मीयता के साथ यात्रियों का स्वागत किया। गांव के पारंपरिक एवं पौराणिक घरों की सुंदर झलक के बीच लोकगीतों की गूंज ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
ग्रामीणों की ओर से यात्रियों के लिए नाश्ते की विशेष व्यवस्था भी की गई। मां नंदा के प्रति आस्था, प्रेम, समर्पण और सेवा भाव के साथ ग्रामीणों ने यात्रा में अपना भरपूर सहयोग दिया।
बारिश के बीच कनोल में गूंजे जागर और जयकारे
जोखना के बाद मां नंदा की डोली सितेल गांव होते हुए कनोल पहुंची। डोली के गांव में पहुंचते ही ग्रामीणों ने जोरदार स्वागत किया। बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह और आस्था कम नहीं हुई। देर रात तक कनोल गांव धार्मिक एवं सांस्कृतिक रंग में डूबा रहा।
गांव के देवी चौक में जलती हुई धूनी के बीच देवी नृत्य, जागरों और देवताओं के जागरण का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। बारिश के बीच धूनी की अग्नि, ढोल-दमाऊं की गूंज, देव जागरण और श्रद्धालुओं के जयकारों ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक बना दिया।
पारंपरिक भेषभूषा और झुमेलों ने मोहा मन
इस अवसर पर भक्तजनों ने छंतोलियों के साथ पारंपरिक भेषभूषा में मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किए। कनोल गांव के पारंपरिक लोकगीतों और झुमेलों ने यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।
स्थानीय संस्कृति, परंपरा और मां नंदा के प्रति अटूट आस्था का ऐसा संगम देखने को मिला, जिसने कनोल पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।
बारिश के बावजूद सेवा और भक्ति में नहीं आई कमी
ग्रामीणों की सेवा भावना और श्रद्धालुओं की भक्ति ने कनोल गांव में मां नंदा की जात को विशेष आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक स्वरूप प्रदान किया। कठिन मौसम और लगातार बारिश के बावजूद ग्रामीणों तथा यात्रियों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखाई दी।
अब मां नंदा की डोली अपनी आगे की यात्रा पर प्रस्थान करेगी। 18 सितंबर 2026 को वेदनी बुग्याल पहुंचने का कार्यक्रम है। मां नंदा की इस पवित्र यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और गहरी आस्था बनी हुई है।
रिपोर्ट: पूजा बरमोला
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