📍 चमोली/कर्णप्रयाग। जिलाधिकारी गौरव कुमार के निर्देशानुसार जनपद में औषधियों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने एवं मेडिकल स्टोरों पर औषधि नियमों के अनुपालन की जांच के लिए औषधि निरीक्षक चमोली हार्दिक भट्ट ने शुक्रवार को कर्णप्रयाग स्थित विभिन्न मेडिकल स्टोरों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दवाओं की बिक्री, लाइसेंस, रिकॉर्ड एवं सुरक्षा मानकों का गहन सत्यापन किया गया।
💊 लाइसेंस, फार्मासिस्ट और सीसीटीवी व्यवस्था की हुई जांच
निरीक्षण के दौरान मेडिकल स्टोरों पर औषधि लाइसेंस की वैधता, पंजीकृत फार्मासिस्ट की उपस्थिति में दवाओं के क्रय-विक्रय तथा औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 एवं उसके तहत निर्धारित नियमों के अनुपालन की जांच की गई।
इसके साथ ही मेडिकल स्टोरों में लगे सीसीटीवी कैमरों एवं उनकी रिकॉर्डिंग व्यवस्था का भी सत्यापन किया गया।
🧪 दवाओं के नमूने गुणवत्ता परीक्षण के लिए लिए गए
औषधि निरीक्षक ने निरीक्षण के दौरान कर्णप्रयाग क्षेत्र से विभिन्न औषधियों के तीन नमूने गुणवत्ता परीक्षण के लिए एकत्रित किए। वहीं नकली एवं संदिग्ध (स्प्यूरियस) दवाओं की रोकथाम के उद्देश्य से तीन अन्य औषधियों के नमूने भी जांच के लिए लिए गए।
⚠️ नार्कोटिक दवाओं के वितरण को लेकर दिए सख्त निर्देश
निरीक्षण के दौरान एक्सपायरी दवाओं के सुरक्षित एवं पृथक रखरखाव, मनःप्रभावी (Psychotropic) औषधियों के भंडारण, उनके क्रय-विक्रय से संबंधित अभिलेखों एवं बिलों की भी गहन जांच की गई।
औषधि निरीक्षक हार्दिक भट्ट ने सभी मेडिकल स्टोर संचालकों को निर्देश दिए कि नार्कोटिक औषधियों का वितरण केवल अधिकृत चिकित्सक के वैध पर्चे पर ही किया जाए तथा औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के अंतर्गत लाइसेंस की सभी शर्तों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाए।
रिपोर्ट: प्रदीप चौहान
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