चमोली में आपदा प्रबंधन का मॉक ड्रिल आयोजित, सुरंग धंसने से लेकर वनाग्नि तक के परिदृश्यों पर अभ्यास

चमोली: जनपद चमोली में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने के लिए बुधवार को व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास का उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच समन्वय मजबूत करना और आपात स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना था।

मॉक ड्रिल का निरीक्षण अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश ने वर्चुअल माध्यम से किया। इस दौरान जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदकिशोर जोशी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी अभिषेक गुप्ता सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।

अलग-अलग आपदा परिदृश्यों पर हुआ अभ्यास

मॉक अभ्यास के तहत जिले के विभिन्न स्थानों पर अलग-अलग आपदा स्थितियों का सजीव प्रदर्शन किया गया:

🔹 सुरंग धंसने की घटना
टीएचडीसी टनल, बिरही में सुरंग धंसने का परिदृश्य तैयार किया गया, जिसमें 2 लोगों के फंसने की सूचना पर एसडीआरएफ, पुलिस और मेडिकल टीम ने तुरंत रेस्क्यू कर उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला।

🔹 भवन ध्वस्त होने की घटना
परसाड़ी रोड टीवी टावर क्षेत्र में भवन गिरने के परिदृश्य में 2 लोग घायल और 1 की मृत्यु दर्शाई गई, जिसमें टीमों ने राहत और बचाव कार्य करते हुए घायलों को अस्पताल पहुंचाया।

🔹 भूकंप का परिदृश्य
जीआईसी कर्णप्रयाग के पास 5.0 तीव्रता के भूकंप की स्थिति में एक भवन क्षतिग्रस्त होने का अभ्यास किया गया, जिसमें 3 घायलों को सुरक्षित निकाला गया।

🔹 भूस्खलन की घटना
थराली तहसील परिसर में भूस्खलन के दौरान 3 लोगों के दबने का परिदृश्य तैयार कर रेस्क्यू टीमों ने त्वरित कार्रवाई की।

🔹 वनाग्नि की घटना
पॉलिटेक्निक गैरसैंण के पास वनाग्नि की स्थिति में वन विभाग और अग्निशमन टीम ने आग पर नियंत्रण पाया और एक घायल को उपचार के लिए भेजा।

सभी विभागों ने किया बेहतर समन्वय

इस मॉक ड्रिल में एसडीआरएफ, पुलिस, प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन और वन विभाग ने सक्रिय भागीदारी करते हुए बेहतर समन्वय और त्वरित कार्रवाई का प्रदर्शन किया।

आपदा में जनहानि कम करना उद्देश्य

अपर जिलाधिकारी ने बताया कि ऐसे मॉक अभ्यासों का मुख्य उद्देश्य आपदा के समय प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित करना और जनहानि को न्यूनतम करना है।

रिपोर्ट: पहाड़ी चीता ब्यूरो


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