मसूरी एलबीएस में फर्जी यूपीएससी रिजल्ट के सहारे प्रशिक्षण लेने पहुंचा युवक, पुलिस ने की कार्रवाई

मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री प्रशासन (एलबीएस) में फर्जी यूपीएससी रिजल्ट के आधार पर प्रशिक्षण प्राप्त करने पहुँचे एक युवक का मामला सामने आया है। एलबीएस प्रशासन की सूचना पर कोतवाली मसूरी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पूरे प्रकरण की जांच शुरू की।

यह सूचना 3 जनवरी 2026 को एलबीएस प्रशासन द्वारा कोतवाली मसूरी को दी गई थी, जिसमें बताया गया कि एक व्यक्ति फर्जी यूपीएससी रिजल्ट के आधार पर प्रशिक्षण हेतु परिसर में उपस्थित हुआ है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली मसूरी से वरिष्ठ उप निरीक्षक तत्काल पुलिस बल के साथ एलबीएस परिसर पहुँचे। साथ ही प्रकरण की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए एलआईयू मसूरी एवं आईबी टीम को भी मौके पर बुलाया गया।

मौके पर मौजूद युवक से पूछताछ कर उसके साथ लाए गए दस्तावेजों की जांच की गई। प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया कि युवक स्वयं धोखाधड़ी का शिकार हुआ है और फर्जी यूपीएससी रिजल्ट के आधार पर अपने माता-पिता एवं आवश्यक दैनिक सामान के साथ एलबीएस में प्रशिक्षण लेने आया था। इसके बाद युवक को आवश्यक पूछताछ के लिए कोतवाली मसूरी लाया गया।

थाने पर की गई विस्तृत पूछताछ में जानकारी मिली कि युवक उच्च शिक्षित है और वर्तमान में एक निजी कंपनी में कार्यरत है। पूछताछ के दौरान युवक ने इस संबंध में एक लिखित प्रार्थना पत्र भी प्रस्तुत किया। जांच में यह भी सामने आया कि बिहार के सारण जिले के निवासी पुष्पेश सिंह पुत्र राकेश कुमार सिंह ने यूपीएससी परीक्षा दिलाने के नाम पर युवक से ₹13,000 नकद तथा ₹14,564 रुपये यूपीआई के माध्यम से ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लिए और बाद में व्हाट्सएप के माध्यम से फर्जी रिजल्ट भेजकर धोखाधड़ी की।

चूंकि उक्त आपराधिक प्रकरण का संबंध गुरुग्राम (हरियाणा) से जुड़ा है, इसलिए कोतवाली मसूरी में मु०अ०सं० (जीरो) 00/2026, धारा 318(4) बीएनएस के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया है। अग्रिम विवेचनात्मक कार्रवाई के लिए मामला संबंधित राज्य को प्रेषित किया जाएगा।


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